कृषि फार्म की जमीन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका, तिसरी अंचल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

गिरिडीह/तिसरी प्रखंड मुख्यालय अंचल क्षेत्र में स्थित कृषि फार्म की जमीन को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। इस संबंध में तिसरी के समाजसेवी राजकुमार शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका के माध्यम से उन्होंने सरकारी कृषि फार्म की जमीन को लेकर हो रही अनियमितताओं पर न्यायालय का ध्यान आकृष्ट कराया है।
राजकुमार शर्मा ने बताया कि उक्त कृषि फार्म की जमीन सरकार के अधीन है, लेकिन इसे लेकर अब तक न तो विधिवत नापी कराई गई है और न ही स्पष्ट रूप से इसकी सीमा (बाउंड्री) निर्धारित की गई है। इसके बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा स्थानीय लोगों को जमीन पर नोटिस दिया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद के द्वारा बिना समुचित जांच एवं नापी के ही लोगों को नोटिस थमाया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि पहले सरकार अपने कृषि फार्म की जमीन को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर नापी कराए और बाउंड्री निर्धारित करे, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए।
समाजसेवी राजकुमार शर्मा ने यह भी कहा कि यदि समय रहते इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो इससे भविष्य में बड़े स्तर पर विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और आम लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए।
फिलहाल हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें न्यायालय के आगामी आदेश पर टिकी हुई हैं, जिससे इस विवादित जमीन मामले में स्थिति स्पष्ट हो सके। बिरनी से संजीत जी का खास रिपोर्ट
गिरिडीह/तिसरी प्रखंड मुख्यालय अंचल क्षेत्र में स्थित कृषि फार्म की जमीन को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। इस संबंध में तिसरी के समाजसेवी राजकुमार शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका के माध्यम से उन्होंने सरकारी कृषि फार्म की जमीन को लेकर हो रही अनियमितताओं पर न्यायालय का ध्यान आकृष्ट कराया है।
राजकुमार शर्मा ने बताया कि उक्त कृषि फार्म की जमीन सरकार के अधीन है, लेकिन इसे लेकर अब तक न तो विधिवत नापी कराई गई है और न ही स्पष्ट रूप से इसकी सीमा (बाउंड्री) निर्धारित की गई है। इसके बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा स्थानीय लोगों को जमीन पर नोटिस दिया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद के द्वारा बिना समुचित जांच एवं नापी के ही लोगों को नोटिस थमाया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि पहले सरकार अपने कृषि फार्म की जमीन को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर नापी कराए और बाउंड्री निर्धारित करे, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए।
समाजसेवी राजकुमार शर्मा ने यह भी कहा कि यदि समय रहते इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो इससे भविष्य में बड़े स्तर पर विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और आम लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए।
फिलहाल हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें न्यायालय के आगामी आदेश पर टिकी हुई हैं, जिससे इस विवादित जमीन मामले में स्थिति स्पष्ट हो सके। बिरनी से संजीत जी का खास रिपोर्ट

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