हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुम्बा गांव में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के मौत।

हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुम्बा गांव में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी निर्मम हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की विफलता और सरकार की संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण है।

प्रदेश में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? क्या निर्दोषों की जान यूं ही जाती रहेगी और प्रशासन मूकदर्शक बना रहेगा?

इस हृदयविदारक घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर प्रदेश में कानून का राज कब स्थापित होगा?
हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुम्बा गांव में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी निर्मम हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की विफलता और सरकार की संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण है।
प्रदेश में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? क्या निर्दोषों की जान यूं ही जाती रहेगी और प्रशासन मूकदर्शक बना रहेगा?
इस हृदयविदारक घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर प्रदेश में कानून का राज कब स्थापित होगा?

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