
फॉरवर्ड ब्लॉक के जिला संयोजक एवं बेंगाबाद के पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेश यादव ने मंगलवार को कर्णपुरा पहुंचकर प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों से मुलाकात की तथा निर्माण स्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्टेडियम का निर्माण किसी वैकल्पिक जगह पर किया जाना चाहिए, न कि उन बहुफसली खेतों पर जहां पिछले सौ वर्षों से खेती होती आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश यही जमीन अधिग्रहित करनी पड़े, तो किसानों और भू-स्वामियों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
राजेश यादव ने कहा कि संबंधित जमीन एक जीवित नाला के किनारे स्थित होने के कारण अत्यंत उपजाऊ और उपयोगी रही है। किसानों ने उन्हें बताया कि जमीन अधिग्रहण के खिलाफ उन्होंने कई जगह आवेदन दिए, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। किसानों का दावा है कि कोर्ट से फिलहाल निर्माण कार्य रोकने का निर्देश मिला है, इसके बावजूद जबरन काम कराया जा रहा है।
पीड़ित किसानों ने यह भी आशंका जताई कि यदि वे निर्माण कार्य का विरोध करते हैं तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया जा सकता है। इस कारण वे खुद को लाचार और बेबस महसूस कर रहे हैं।
इस मौके पर राजेश यादव ने जिला प्रशासन, स्थानीय विधायक, सांसद और सरकार से किसानों को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन छीनना गलत नीति है, खासकर तब जब झारखंड में खेती योग्य जमीन पहले से ही सीमित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को न्याय नहीं मिला तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

