
दो दिनों तक रातभर चले इस अभियान के दौरान मानव-हाथी द्वंद को रोकने के उद्देश्य से हाथियों के झुंड को पीरटांड़ के दुधनिया, कठवारा, कुम्हारलालो, नावाडीह, प्रतापपुर, पारसबनी, जंगो, बिशुनपुर, खेताडाबर एवं अंगिया होते हुए उनके प्राकृतिक कॉरिडोर की ओर ड्राइव किया गया।
वन विभाग ने बताया कि हाल के दिनों में विभिन्न क्षेत्रों में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में ग्रामीणों को सजग रहने तथा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।
वन क्षेत्र पदाधिकारी एस. के. रवि ने कहा कि मानव के साथ-साथ हाथी समेत सभी जीव पर्यावरण के अभिन्न अंग हैं और इनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।


