
धरना के बाद उपायुक्त रामनिवास यादव ने संगठन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान पीएचईडी विभाग के अधिकारियों से बातचीत के बाद प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि बेरदोंगा जलापूर्ति योजना से अगले 10 दिनों के भीतर पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे फॉरवर्ड ब्लॉक के जिला संयोजक एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेश यादव ने कहा कि बेरदोंगा सहित जिले की अधिकांश जलापूर्ति योजनाएं या तो बंद पड़ी हैं या फिर बदहाल स्थिति में हैं। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में हुई अनियमितताओं और लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
राजेश यादव ने कहा कि जल संकट को लेकर लोगों का धैर्य जवाब दे चुका है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और सरकार पर भी जनता की समस्याओं के प्रति उदासीन रहने का आरोप लगाया।
धरना-प्रदर्शन में फॉरवर्ड ब्लॉक के वरिष्ठ नेता सोमनाथ मुखर्जी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
