
अनिमेष रंजन, सीओ अखिलेश प्रसाद और बीडीओ मनीष कुमार उक्त स्थल पर पहुंचे और एसडीएम के निरीक्षण में सीजर लिस्ट तैयार किया गया.
लगभग डेढ़ सौ टन माइका होने का अंदाजा किया गया और लगभग एक करोड़ से अधिक रुपए का अनुमान रखा गया है. एसडीएम ने कहा कि उक्त जमीन भी वन विभाग की लग रही है जिस पर विभाग काम करेगी, उन्होंने कहा कि अभी सारी सूची को विधिवत तैयार किया जा रहा है, इसके बाद या तो खनन विभाग या ख़ुद मेरे द्वारा मामला दर्ज कर दिया जायेगा.
कुछ देर उक्त स्थल पर रहने के बाद एसडीएम और बीडीओ एक गाड़ी में सवार होकर गुप्त सूचना के आधार पर तिसरी के सालगाडीह पथ पर छापेमारी अभियान चलाया लेकिन चूँकि लेडीज पुलिस नहीं होने के बेरंग वापस आ गयें.
वहीं खनन विभाग के डीएमओ सत्यजीत कुमार भी मौके पर पहुंचे और फिर एसडीएम के आदेश पर दोनों गोदामों को पहले दरवाजे के पास ईट से जोड़ दिया गया इसके बाद दरवाजे को सील कर दिया गया.
इधर प्रशासन द्वारा तिसरी में सघन छापेमारी और्कार्यवाई से माइका माफियायों में हड़कंप मच गया है और ढिबरा कारोबारी अन्यत्र कहीं छिपे रह रहे है और उन्हें यह डर भी सता रहा कि कहीं उनका नाम न आ जाये. तिसरी में कई कारोबारी एक साथ मिलकर भी काम करते है और यही कारण है कि वे मुकदमेबाज़ी से डर रहे है और भागे फिर रहें हैं.
सम्बंधित विभाग द्वारा जप्ती सूची देर रात तक तैयार की जा रही थी यही वजह है कि खबर लिखे जाने तक तिसरी थाना में मामला दर्ज नहीं हो पाया था.

