दो दिन में ढही पुलिया, विभागीय मिलीभगत से जनआक्रोश भड़का


चिरुडीह–पोखरिया सड़क पर फिर भ्रष्टाचार का खेल! दो दिन में ढही पुलिया, विभागीय मिलीभगत से जनआक्रोश भड़का

बिरनी प्रखंड के चिरुडीह से पोखरिया को जोड़ने वाली सड़क एक बार फिर सुर्खियों में है। इस सड़क को लेकर कभी घटिया निर्माण, तो कभी अधूरे काम के आरोप लगते रहे हैं। अब एक बार फिर यह सड़क भ्रष्टाचार की जद में आ गई है। इस बार मामला पुलिया निर्माण का है, जिसमें भारी अनियमितता और विभागीय लापरवाही साफ झलक रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया का निर्माण बिना किसी संवेदक या कनिष्ठ अभियंता की देखरेख के कराया गया। नतीजा — महज दो दिन पहले बनी पुलिया अब पूरी तरह ढह गई है। यह न केवल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है, बल्कि विभागीय मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है।
*खुलेआम सामने आई तस्वीरें गवाही दे रही हैं*
स्थानीय लोग बता रहे हैं कि पुलिया के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। सीमेंट और बालू का अनुपात इतना कमजोर था कि दो दिन की बारिश भी नहीं झेल पाई। ग्रामीणों ने कहा कि “यह भ्रष्टाचार की जिंदा मिसाल है, जहाँ जनता का पैसा खुलेआम बर्बाद किया गया है।”
*विभागीय मिलीभगत पर सवाल*
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य किसी निजी मुंशी द्वारा करवाया गया, जो न तो विभाग से अधिकृत था और न ही तकनीकी रूप से प्रशिक्षित। सवाल यह उठता है कि —
आखिर किसकी अनुमति से निजी व्यक्ति को काम सौंपा गया?
क्यों अभियंता और संवेदक मौके पर नहीं थे?
क्या यह पूरे सिस्टम की मिलीभगत नहीं है?
इन सवालों का जवाब अभी तक किसी अधिकारी ने नहीं दिया है।
*ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग*
घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा रोष है। लोगों ने कहा कि जब तक इस भ्रष्टाचार के जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदक पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक जनता का विश्वास प्रशासन से पूरी तरह उठ जाएगा। ग्रामीणों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
*“जनता के पैसे से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं”*
गांव के समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह पुलिया निर्माण नहीं बल्कि जनता के पैसे की बर्बादी है। दो दिन में पुलिया ढह जाना यह साबित करता है कि काम में कितनी लापरवाही और मनमानी की गई है।
*जांच का विषय बना मामला*
अब यह मामला पूरी तरह से जांच और जवाबदेही का विषय बन चुका है। सवाल यह नहीं कि पुलिया क्यों ढही — सवाल यह है कि कब तक विभागीय लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी जनता की जान और धन से खिलवाड़ करती रहेगी।

9 thoughts on “दो दिन में ढही पुलिया, विभागीय मिलीभगत से जनआक्रोश भड़का”

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