
गिरिडीह: पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार की दिशा में गिरिडीह वन प्रक्षेत्र ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तेलोडीह में 5 हेक्टेयर में फैली एक आधुनिक स्थायी वन नर्सरी अब पूरी तरह तैयार है, जिससे न केवल वनरोपण कार्यक्रमों को गति मिलेगी, बल्कि आम लोगों को भी सस्ते दामों पर उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध होंगे।
प्रमुख विशेषताएं और क्षमता
इस नर्सरी को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है:
पौधों की संख्या: वर्तमान में यहाँ 2 लाख पौधे तैयार हैं, जबकि 1 लाख अतिरिक्त पौधों पर काम चल रहा है। नर्सरी की कुल क्षमता 5 लाख पौधों की है।
विविधता: यहाँ 31 प्रकार के फूलों और पौधों की प्रजातियाँ विकसित की गई हैं।
आधुनिक तकनीक: नर्सरी में बने ग्रीन हाउस में हाइब्रिड फूल और ग्राफ्टेड (कलम) पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जो अपनी बेहतर उत्तरजीविता (survival rate) के लिए जाने जाते हैं।
उच्चाधिकारियों ने किया निरीक्षण
हाल ही में पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) श्री रवि रंजन, पूर्वी वन प्रमंडल के डीएफओ मनीष तिवारी, और रेंजर एस.के. रवि ने नर्सरी का विस्तृत निरीक्षण किया।
“यह नर्सरी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता आम लोगों को बहुत ही किफायती दरों पर हर प्रजाति के पौधे उपलब्ध कराना है।”
— रवि रंजन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वाइल्डलाइफ)
पर्यटन और स्थानीय सहयोग का केंद्र
नर्सरी को केवल पौधों के उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। विभाग की योजना इसे स्थानीय लोगों के लिए एक भ्रमण केंद्र (Visit Center) के रूप में विकसित करने की है। निरीक्षण के दौरान मौजूद मुखिया शब्बीर आलम ने वन विभाग के इस प्रयास की सराहना की और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
एक नजर में:
उद्घाटन: 16 अप्रैल को मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू एवं विधायक कल्पना सोरेन द्वारा।
लक्ष्य: क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना और स्थानीय निवासियों को पर्यावरण से जोड़ना।
डीएफओ की अपील: डीएफओ मनीष तिवारी ने जनता से अपील की है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएं और अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित बनाने में अपना योगदान दें।
तेलोडीह की यह आधुनिक नर्सरी गिरिडीह को ‘ग्रीन सिटी’ बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए तैयार है। जल्द ही बिक्री शुरू होने से स्थानीय बागवानी प्रेमियों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।


