
जिले में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों द्वारा सम्मान फाउंडेशन पर समय पर वेतन नहीं देने के लगाए गए आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से मासिक वेतन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों के अनुसार, कई महीनों से वेतन भुगतान में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें अपने दैनिक खर्चों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन या हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं।
हालांकि, इन आरोपों को बबलू तांती ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक हैं। बबलू तांती के अनुसार, केवल फरवरी और मार्च महीने का वेतन ही बकाया है, जिसे जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि फाउंडेशन कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
बबलू तांती ने इस मुद्दे पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फाउंडेशन में कार्यरत एक ड्राइवर गलत तरीके से खुद को प्रदेश अध्यक्ष बताकर लोगों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति विभिन्न जिलाध्यक्षों से पैसे की उगाही कर रहा है और पैसा नहीं देने पर हड़ताल कराने की धमकी देता है।
उन्होंने प्रशासन से इस मामले की जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। बबलू तांती ने यह भी कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल फाउंडेशन की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि कर्मचारियों के बीच भ्रम और असंतोष भी पैदा कर रही हैं।
इधर, कर्मचारियों और फाउंडेशन के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि समय रहते इस मामले का समाधान नहीं किया गया, तो 108 एम्बुलेंस सेवा पर इसका असर पड़ सकता है, जिससे आम जनता को आपातकालीन सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता
