
स्थानीय स्तर पर यह खबर तेजी से फैल रही है, जिससे पूरे गिरिडीह जिले में सनसनी का माहौल है। हालांकि GSI की टीम ने इस मामले को फिलहाल गोपनीय बताते हुए आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सर्वे कार्य में तेजी लाई गई है।
बताया जाता है कि असुरहड्डी जंगल का इलाका पहले से ही खनिज संपदा के लिए जाना जाता रहा है। यहां वर्षों से अभ्रक (माइका) का अवैध खनन होता रहा है। इसके अलावा पोखराज और गोमेद जैसे कीमती पत्थरों की भी तस्करी होने की बात सामने आती रही है, जो कथित तौर पर राजस्थान और सिंगापुर तक पहुंचाए जाते थे।
अब लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज की संभावित मौजूदगी की खबर ने इस क्षेत्र को और अधिक चर्चित बना दिया है। यदि भविष्य में इसकी आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह न केवल गिरिडीह बल्कि पूरे राज्य के लिए आर्थिक दृष्टि से बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें GSI की आगामी रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

