बारिश ने तोड़ दी किसानों की कमर: धान की फ़सल डूबी , मेहनत बर्बाद गांवा प्रखंड अंतर्गत गदर पंचायत के महतपुर गांव का मामला

*बारिश ने तोड़ दी किसानों की कमर: धान की फसल डूबी, मेहनत बर्बाद* गावां प्रखंड अंतर्गत स्थित गदर पंचायत के महतपुर गांव के किसानों के धान के फसल लगातार हो रही बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हो गया बेमौसम बरसात ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है । खेतों में पानी ही पानी है, और धान की फसल पूरी तरह डूब चुकी है। जो फसल कुछ दिनों पहले लहलहा रही थी, अब वह मिट्टी में मिल गई है। किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है, और उनकी आँखों में आँसू हैं । *किसानों का संघर्ष* किसानों ने इस फसल को उगाने के लिए दिन-रात एक कर दिया था। उन्होंने बीज बोने से लेकर निराई-गुड़ाई और खाद-पानी देने तक हर मुमकिन कोशिश की थी। जब फसल पककर तैयार हुई, तो उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उनकी मेहनत का फल मिलेगा और उनका परिवार खुशहाल होगा । लेकिन अचानक हुई इस बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है, "हमने अपने खून-पसीने से इस फसल को उगाया था। हमने उम्मीद की थी कि यह फसल हमारे बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकालेगी, घर का गुजारा करेगी। लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया ।" *किसानों का दर्द* एक किसान ने बताया, "मैंने 5 एकड़ जमीन में धान लगाया था। अब वह सारा पानी में डूब गया है। मेरी पत्नी का इलाज चल रहा है, बच्चों की फीस देनी है... अब क्या होगा? सरकार से बस एक आस है कि वह हमारी मदद करे।" दूसरे किसान ने कहा, "हमने कर्ज लेकर बीज और खाद डाला था। अगर सरकार मुआवजा नहीं देती, तो हम आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे! " *सरकार से गुहार* किसान सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि वह जल्द से जल्द उनकी फसलों का सर्वे करवाए और उचित मुआवजा दे ????। उनका कहना है, "हमने मेहनत की है, अब सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए। हमें अगले सीजन के लिए भी तैयारी करनी है " *निष्कर्ष* यह बारिश किसानों के लिए अभिशाप बन गई है। उनकी मेहनत, उनका संघर्ष, सब बेकार हो गया। अब बस एक उम्मीद बची है - सरकार की मदद। देखते हैं सरकार कब तक किसानों की सुध लेती है । इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला उपायुक्त महोदय रामनिवास यादव ने कहा कि किसानों के फसल का जो नुकसान हुआ है जांच उपरांत मुआवजा दिया जाएगा किसानों के आवाज को लोकसभा में भी उठाया गया था विभाग सक्रिय है सकारात्मक पहल किया जाएगा !! मौके पर किस मिथिलेश कुमार निर्झर,शिवनारायण पंडित ,देवकी पंडित ,बूंदी पंडित , विनोद कुमार साव, सुरेंद्र कुमार, शंभू कुमार,बाबूलाल पंडित ,महेंद्र पंडित ,मुन्नी पंडित ,सुशीला देवी ,आर्यन ,धर्मेंद्र , परवीन ,निरंजन आयुष, शांतनु ,सुमित उपस्थित हुए !
*बारिश ने तोड़ दी किसानों की कमर: धान की फसल डूबी, मेहनत बर्बाद*
गावां प्रखंड अंतर्गत स्थित गदर पंचायत के महतपुर गांव के किसानों के धान के फसल लगातार हो रही बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हो गया बेमौसम बरसात ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है । खेतों में पानी ही पानी है, और धान की फसल पूरी तरह डूब चुकी है। जो फसल कुछ दिनों पहले लहलहा रही थी, अब वह मिट्टी में मिल गई है। किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है, और उनकी आँखों में आँसू हैं ।
*किसानों का संघर्ष*
किसानों ने इस फसल को उगाने के लिए दिन-रात एक कर दिया था। उन्होंने बीज बोने से लेकर निराई-गुड़ाई और खाद-पानी देने तक हर मुमकिन कोशिश की थी। जब फसल पककर तैयार हुई, तो उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उनकी मेहनत का फल मिलेगा और उनका परिवार खुशहाल होगा ।
लेकिन अचानक हुई इस बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है, “हमने अपने खून-पसीने से इस फसल को उगाया था। हमने उम्मीद की थी कि यह फसल हमारे बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकालेगी, घर का गुजारा करेगी। लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया ।”
*किसानों का दर्द*
एक किसान ने बताया, “मैंने 5 एकड़ जमीन में धान लगाया था। अब वह सारा पानी में डूब गया है। मेरी पत्नी का इलाज चल रहा है, बच्चों की फीस देनी है… अब क्या होगा? सरकार से बस एक आस है कि वह हमारी मदद करे।”
दूसरे किसान ने कहा, “हमने कर्ज लेकर बीज और खाद डाला था। अगर सरकार मुआवजा नहीं देती, तो हम आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे! “
*सरकार से गुहार*
किसान सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि वह जल्द से जल्द उनकी फसलों का सर्वे करवाए और उचित मुआवजा दे ????। उनका कहना है, “हमने मेहनत की है, अब सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए। हमें अगले सीजन के लिए भी तैयारी करनी है “
*निष्कर्ष*
यह बारिश किसानों के लिए अभिशाप बन गई है। उनकी मेहनत, उनका संघर्ष, सब बेकार हो गया। अब बस एक उम्मीद बची है – सरकार की मदद। देखते हैं सरकार कब तक किसानों की सुध लेती है ।
इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला उपायुक्त महोदय रामनिवास यादव ने कहा कि किसानों के फसल का जो नुकसान हुआ है जांच उपरांत मुआवजा दिया जाएगा किसानों के आवाज को लोकसभा में भी उठाया गया था विभाग सक्रिय है सकारात्मक पहल किया जाएगा !!
मौके पर किस मिथिलेश कुमार निर्झर,शिवनारायण पंडित ,देवकी पंडित ,बूंदी पंडित , विनोद कुमार साव, सुरेंद्र कुमार, शंभू कुमार,बाबूलाल पंडित ,महेंद्र पंडित ,मुन्नी पंडित ,सुशीला देवी ,आर्यन ,धर्मेंद्र , परवीन ,निरंजन आयुष, शांतनु ,सुमित उपस्थित हुए !

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