गिरिडीह कॉलेज में छात्र संगठन की शांतिपूर्ण तालाबंदी, उच्चस्तरीय जांच की मांग
गिरिडीह, 21 सितंबर 2026। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) की गिरिडीह इकाई ने कॉलेज में कथित भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सोमवार को गिरिडीह कॉलेज में शांतिपूर्ण तालाबंदी की।
छात्र संगठन का कहना है कि छात्र हित और पठन-पाठन प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए तालाबंदी को कम समय में ही समाप्त कर दिया गया। संगठन ने कॉलेज प्रशासन को 26 सितंबर तक जांच शुरू कराने का समय दिया है। संगठन के अनुसार, निर्धारित समय सीमा तक जांच शुरू नहीं होने या कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में 27 और 28 सितंबर को पुनः तालाबंदी की जाएगी।
अनुमंडल पदाधिकारी के व्यवहार को लेकर संगठन ने लगाए आरोप
तालाबंदी के दौरान गिरिडीह के अनुमंडल पदाधिकारी के कॉलेज परिसर पहुंचने को लेकर छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि छात्र नेताओं को मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की बात कही गई। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान फोटो और वीडियो बनाने से छात्र नेताओं को रोकने का प्रयास किया गया।
छात्र संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित आरोपों पर उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गिरिडीह, 21 सितंबर 2026। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) की गिरिडीह इकाई ने कॉलेज में कथित भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सोमवार को गिरिडीह कॉलेज में शांतिपूर्ण तालाबंदी की।
छात्र संगठन का कहना है कि छात्र हित और पठन-पाठन प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए तालाबंदी को कम समय में ही समाप्त कर दिया गया। संगठन ने कॉलेज प्रशासन को 26 सितंबर तक जांच शुरू कराने का समय दिया है। संगठन के अनुसार, निर्धारित समय सीमा तक जांच शुरू नहीं होने या कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में 27 और 28 सितंबर को पुनः तालाबंदी की जाएगी।
अनुमंडल पदाधिकारी के व्यवहार को लेकर संगठन ने लगाए आरोप
तालाबंदी के दौरान गिरिडीह के अनुमंडल पदाधिकारी के कॉलेज परिसर पहुंचने को लेकर छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि छात्र नेताओं को मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की बात कही गई। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान फोटो और वीडियो बनाने से छात्र नेताओं को रोकने का प्रयास किया गया।
छात्र संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित आरोपों पर उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
