
झारखंड हाइकोर्ट ने गिरिडीह जिले के तिसरी अंचलाधिकारी (सीओ) अखिलेश प्रसाद को उनके कार्यशैली को लेकर सख्त फटकार लगाई है।
तिसरी अंचल क्षेत्र में 26 लोगों पर कृषि भूमि कब्जे का आरोप लगाकर सीओ ने नोटिस जारी किया था। यह कार्रवाई एक पीआईएल (राजकुमार शर्मा द्वारा दायर) के आधार पर हुई थी।
नोटिस के खिलाफ सभी 26 लोग हाइकोर्ट पहुंचे और जमीन पर अपना अधिकार बताया।
कोर्ट ने सीओ को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश राजेश कुमार ने सीओ से उनके “मंथली प्रैक्टिस” (यानी कथित मासिक वसूली/भ्रष्टाचार) को लेकर सवाल किया।
उन्हें चेतावनी दी गई कि बिना जांच और सत्यापन के किसी नागरिक को परेशान न करें।

न्यायाधीश ने यहां तक कह दिया कि अगर ऐसी हरकतें जारी रहीं तो निलंबन के लिए तैयार रहें।
फैसला: कोर्ट ने सीओ का आदेश निरस्त कर दिया और सभी 26 लोगों को राहत दी।
वकील का बयान: एडवोकेट प्रशांत कुमार राय ने पुष्टि की कि हाइकोर्ट ने सीओ को फटकार लगाते हुए उनके आदेश को अमान्य करार दिया है।
झारखंड हाइकोर्ट ने अंचलाधिकारी (सीओ) अखिलेश प्रसाद को उनके कार्यशैली को लेकर सख्त फटकार लगाई
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