तिसरी प्रखंड के लोकई पंचायत दानोंखूंटा स्कूल में एमडीएम बंद मिलने से हड़कंप। बच्चों की थाली खाली,प्रधानाध्यापक बोले- “हम अभी शराब पिए हुए हैं”;

दानोंखूंटा स्कूल में एमडीएम बंद मिलने से हड़कंप। 
बच्चों की थाली खाली,प्रधानाध्यापक बोले- "हम अभी शराब पिए हुए हैं";

तिसरी (गिरिडीह)। तिसरी प्रखंड की लोकाय पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय दानोंखूंटा में मंगलवार को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना बंद पाए जाने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित थे, लेकिन पाकशाला बंद थी और बच्चों के लिए भोजन नहीं बनाया गया था।
मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने जब विद्यालय के प्रधानाध्यापक लखन कुमार से इस संबंध में जानकारी मांगी, तो उन्होंने  कथित तौर पर कहा, "हम अभीशराब पिए हुए हैं।" इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय में कभी खाना नहीं बनता है। प्रधानाध्यापक के इस कथन और व्यवहार को लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।  
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि विद्यालय में बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन बंद था, फिर भी जिम्मेदार तंत्र सक्रिय नजर नहीं आया।  मुखिया प्रतिनिधि तालो हांसदा भी विद्यालय परिसर में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस मामले पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उनकी चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि यदि विद्यालय में नियमित रूप से भोजन नहीं बन रहा है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मामले की सूचना मिलने पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीपीओ) अक्षय कुमार प्रभाकरण ने कहा कि मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
अब सवाल यह है कि बच्चों के अधिकारों से जुड़े इस गंभीर मामले में शिक्षा विभाग कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है। क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी जांच और फाइलों के बीच दबकर रह जाएगा? इस पर पूरे क्षेत्र की नजर टिकी हुई है।
दानोंखूंटा स्कूल में एमडीएम बंद मिलने से हड़कंप।
बच्चों की थाली खाली,प्रधानाध्यापक बोले- “हम अभी शराब पिए हुए हैं”;
तिसरी (गिरिडीह)। तिसरी प्रखंड की लोकाय पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय दानोंखूंटा में मंगलवार को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना बंद पाए जाने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित थे, लेकिन पाकशाला बंद थी और बच्चों के लिए भोजन नहीं बनाया गया था।
मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने जब विद्यालय के प्रधानाध्यापक लखन कुमार से इस संबंध में जानकारी मांगी, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा, “हम अभीशराब पिए हुए हैं।” इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय में कभी खाना नहीं बनता है। प्रधानाध्यापक के इस कथन और व्यवहार को लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि विद्यालय में बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन बंद था, फिर भी जिम्मेदार तंत्र सक्रिय नजर नहीं आया। मुखिया प्रतिनिधि तालो हांसदा भी विद्यालय परिसर में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस मामले पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उनकी चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि यदि विद्यालय में नियमित रूप से भोजन नहीं बन रहा है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मामले की सूचना मिलने पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीपीओ) अक्षय कुमार प्रभाकरण ने कहा कि मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
अब सवाल यह है कि बच्चों के अधिकारों से जुड़े इस गंभीर मामले में शिक्षा विभाग कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है। क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी जांच और फाइलों के बीच दबकर रह जाएगा? इस पर पूरे क्षेत्र की नजर टिकी हुई है।

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