
*बिरनी:* बिरनी प्रखंड इन दिनों अवैध बालू खनन का गढ़ बन गया है। सरकार की सख्त हिदायतों और नियम-कायदों के बावजूद बालू माफिया बेखौफ होकर अपने धंधे को अंजाम दे रहे हैं। खुर्जियों इरगा घाट, जमड़िहा घाट समेत दर्जनों घाटों पर रात ढलते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली और हाइवा की आवाजाही शुरू हो जाती है। पूरी रात बालू उठाव का यह खेल पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक संरक्षण के बिना इतने बड़े पैमाने पर खनन संभव ही नहीं है। यही वजह है कि माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं।
मीनाबाजार के पास बन रहे अस्पताल परिसर में भी 18 से 20 ट्रैक्टर अवैध बालू डंप किया गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल निर्माण में खुलेआम बिजली चोरी भी की जा रही है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य में पानी मोटर चलाने और रॉड काटने के लिए सीधे बिजली लाइन से जोड़ लिया गया है। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि विद्युत कर्मियों की मिलीभगत के बिना दिन-दहाड़े ऐसी चोरी संभव नहीं है।
अवैध खनन से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है, साथ ही नदियों का प्राकृतिक स्वरूप भी खतरे में है। लगातार हो रही बालू निकासी से जलस्रोत सूखने और मिट्टी कटाव जैसी गंभीर पर्यावरणीय समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं।
रिपोर्टर तालेश्वर पंडित
