अयोध्या धाम
अयोध्या जनपद मां कामाख्या में हजारों श्रद्धालुओं को उसी रास्ते से जाना पड़ता हैं कामाख्या मंदिर, रास्ते को लेकर चुनाव पर पड़ सकता है बड़ा असर अयोध्या जनपद के प्रसिद्ध कामाख्या धाम मंदिर को जाने वाला संपर्क मार्ग दो तहसीलों के बीच अधर में लटका हुआ है जो गढ्ढों में तब्दील हो गया है आज तक शासन प्रशासन या किसी नेता ने ध्यान नहीं दिया। जहां एक तरफ गड्ढा मुक्त अभियान सरकार चला रही है वहीं दूसरी तरफ मां कामाख्या धाम को जाने वाली सड़क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है।
यह सड़क मिल्कीपुर तहसील अंतर्गत विकासखंड अमानीगंज क्षेत्र के संत नगर मोहली चौराहा संपर्क मार्ग से बकचुना गांव होते हुए कामाख्या धाम मंदिर तक जाती है। जहां आए दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रातः काल दर्शन के लिए जाते हैं। सड़क खराब होने से आये दिन श्रद्धालुओं को मोटरसाइकिल दुर्घटना में पलटने से उन्हें गंभीर चोटे लगती रहती है। बताते चलें कि मिल्कीपुर तहसील के बकचुना गांव में कई वर्षों पहले सीसी रोड बनाया गया था तब से आज तक शासन प्रशासन व नेताओं द्वारा गांव के सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। जबकि गांव के दोनों तरफ पीडब्ल्यूडी विभाग से सड़क बनी हुई है सिर्फ बीच में ही बचा है बकचुना गांव निवासी एडवोकेट पवन शुक्ला ने समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर जल निकासी व सड़क निर्माण कार्य की मांग की है वही ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष अगर इस रास्ते का ध्यान नहीं दिया तो आने वाले चुनाव में इसका असर झेलना पड़ेगा।
कामाख्या धाम को जाने वाली सड़क गड्ढे में हुई तब्दील, कीचड़ युक्त सड़कों पर लोगों का आना-जाना हुआ दूभर*
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