पलमरूआ में घर के अंदर अवैध आरा मिल संचालित, विभाग बेखबर

तिसरी (गिरिडीह): तिसरी प्रखंड अंतर्गत पलमरुआ गांव में अवैध रूप से एक आरा मिल संचालित होने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि गांव के एक घर के अंदर ही यह आरा मिल लंबे समय से सुचारू रूप से चल रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, मोटी-मोटी लकड़ियां झाड़ियों के पीछे छिपाकर रखी जाती हैं, ताकि विभागीय टीम की नजर से बचा जा सके। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि इस अवैध कारोबार की भनक संबंधित विभाग को तक नहीं है, जिससे सवाल उठता है कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि प्रशासन की नजरों से कैसे बची हुई है।
सरकार जहां “वृक्ष लगाओ, जीवन पाओ” का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर लकड़ी माफिया खुलेआम जंगलों की कटाई कर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो पलमरुआ और आसपास के क्षेत्रों में जंगल खत्म होने का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से त्वरित जांच व कार्रवाई की मांग की है, ताकि अवैध आरा मिल पर रोक लगाई जा सके और दोषियों को सजा मिले। रिपोर्टर संजीत प्रजापति
तिसरी (गिरिडीह): तिसरी प्रखंड अंतर्गत पलमरुआ गांव में अवैध रूप से एक आरा मिल संचालित होने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि गांव के एक घर के अंदर ही यह आरा मिल लंबे समय से सुचारू रूप से चल रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, मोटी-मोटी लकड़ियां झाड़ियों के पीछे छिपाकर रखी जाती हैं, ताकि विभागीय टीम की नजर से बचा जा सके। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि इस अवैध कारोबार की भनक संबंधित विभाग को तक नहीं है, जिससे सवाल उठता है कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि प्रशासन की नजरों से कैसे बची हुई है।
सरकार जहां “वृक्ष लगाओ, जीवन पाओ” का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर लकड़ी माफिया खुलेआम जंगलों की कटाई कर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो पलमरुआ और आसपास के क्षेत्रों में जंगल खत्म होने का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से त्वरित जांच व कार्रवाई की मांग की है, ताकि अवैध आरा मिल पर रोक लगाई जा सके और दोषियों को सजा मिले। रिपोर्टर संजीत प्रजापति
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