
नल-जल योजना से हर घर में पानी सप्लाई पहुंचाने के लिए जल शक्ति मिशन के तहत रुपए बहाने के बावजूद जमुआ के दर्जनाधिक गांवों तक इसका लाभु नहीं पहुंच सका है। कई कारणों से यह योजना धरातल पर भी नहीं उतर पाई है। कई गांवों में कुछ काम भी नहीं हुआ और योजना की बड़ी राशि की निकासी कर ली गई। धुरगड़गी पंचायत के तेलमकरी गांव में ग्रामीण महिलाओं ने रविवार को बैठक कर पेयजल संकट के निवारण के लिए विभाग को पत्र लिखा है। तेलमकरी गांव के टोला निजामपुर की महिलाओं ने कहा कि पेयजल के लिए टावर लगा दिए गए लेकिन कहीं कनेक्शन भी नहीं दिया गया।
पेयजल के लिए लोगों को कुएं पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बैठक में फरजाना परवीन, तसमीला खातून, हज़ारा खातून, शकीला, हसीना खातून, शरबानी खातून, रुखसाना खातून, नगमा, सबीना खातून, तमन्ना परवीन, रजिया खातून, रेशमा खातून, आमना, जमीला, सकीना खातून, शबाना, शहनाज खातून सहित कई महिलाओं ने लिखित रूप में हस्ताक्षरित आवेदन जिला परिषद भाग संख्या 13 की प्रभा वर्मा को दिया है। प्रभा वर्मा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान के लिए वे तत्पर हैं। कहा कि विभागीय लापरवाही, संवेदक की मनमानी की भेंट चढ़ गई नल-जल जैसी महत्वाकांक्षी योजना। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। पेयजल स्वच्छता विभाग के एसडीओ से जब जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि संवेदक की लापरवाही है। कहा कि जन शिकायतों के मद्देनजर संवेदक से जलापूर्ति निर्बाध रूप से चालू करवाने को कहेंगे। संवेदक संदीप सिंह ने कहा कि सोलर लगवाए थे। लेकिन आंधी और बारिश में सोलर उड़ गया। कुछ सोलर प्लेट टूट गए। उसके बाद दो माह लगातार बारिशों की वजह से कार्य नहीं हो सका। कहा कि शीघ्र कार्य शुरू करेंगे और जलापूर्ति होगी।
