
आरोपी पिंटू यादव की निशानदेही पर हुई इस बरामदगी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि हत्या के पीछे की असली वजह और अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, मंजेश सिंह बिहार के लखीसराय जिले के नंदपुर गांव के रहने वाले थे और एनएचसी कंस्ट्रक्शन कंपनी में मुंशी के रूप में कार्यरत थे। रविवार को वह अपनी बुलेट से खटपोक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तिसरी थाना क्षेत्र के बाघमारी मोड़ के समीप उनके कथित अपहरण की सूचना सामने आई थी।
घटना के बाद तिसरी पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी बीच आरोपी पिंटू यादव की निशानदेही पर पुलिस बिहार के चिहरा थाना क्षेत्र और तिसरी थाना क्षेत्र की सीमा से सटे जंगल पहुंची, जहां झाड़ियों के पास से मंजेश सिंह का शव बरामद किया गया।
शव बरामदगी के दौरान खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार, तिसरी थाना प्रभारी शंभू नंद ईश्वर समेत पुलिस की बड़ी टीम मौजूद रही।
शव जब तिसरी थाना पहुंचा तो मंजेश सिंह के पिता, भाई और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। थाना परिसर का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
इसी बीच पूर्व विधायक राजकुमार यादव भी पीड़ित परिवार के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने संबंधित ठेकेदार से फोन पर बातचीत कर मृतक के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित परिवार को इंसाफ नहीं मिला तो करीब 87 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण प्रोजेक्ट के काम को लेकर आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। सवाल अब भी यही है कि मंजेश सिंह की हत्या क्यों की गई और इस घटना के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसका खुलासा पुलिस जांच कर रही है।



